मुंबई , जनवरी 13 -- महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों को लेकर जारी चुनाव प्रचार मंगलवार शाम को समाप्त हो गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महायुति की रैलियों के दौरान अपने चुनावी भाषणों में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गुरुवार को प्रस्तावित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले मुकाबले को और तेज कर दिया।
श्री फडणवीस ने श्री उद्धव ठाकरे और श्री राज ठाकरे के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मुंबई में मराठी भाषी नागरिक असुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला नगर निगम चुनाव जनहित से जुड़ा आंदोलन नहीं, बल्कि ठाकरे परिवार के राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भावनात्मक मुद्दे उछालकर शासन की विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने लगभग तीन दशकों तक बीएमसी पर नियंत्रण रखने वालों से सवाल किया कि इतने लंबे समय में अब उठाए जा रहे मुद्दों के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए। उन्होंने शिवसेना के लंबे कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए भी मराठी समाज के लिए स्थायी लाभ सुनिश्चित नहीं किए जा सके।
मुख्यमंत्री ने श्री उद्धव और श्री राज ठाकरे के बीच अचानक बनी एकजुटता पर भी निशाना साधा। रैली के दौरान उन्होंने पुराने वीडियो क्लिप दिखाए, जिनमें दोनों नेता अपने राजनीतिक विभाजन के दौर में एक-दूसरे की आलोचना करते नजर आते हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि नगर निकाय प्रशासन में 25 वर्षों तक संयुक्त रूप से शासन करने के बावजूद मराठी हितों की रक्षा में विफल रहने के बाद अब वे वोट मांग रहे हैं।
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