मुंबई , अप्रैल 25 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के संबंध में राज्य सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में मराठी भाषा को प्राथमिकता देना गलत नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मराठी के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए और कहा कि जिन चालकों को मराठी नहीं आती, उन्हें सिखाई जाएगी।

राज्य सरकार का दृढ़ रुख है कि टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों को स्थानीय लोगों से मराठी में संवाद करने में सक्षम होना चाहिए। नए नियम के अनुसार, जो लाइसेंसधारक मराठी नहीं बोल पाते, उनके परमिट रद्द किए जा सकते हैं। यह नियम 1 मई से लागू होगा।

हालांकि, इस कदम का टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों के एक वर्ग ने विरोध किया है। कई चालकों ने इस नियम पर असंतोष व्यक्त किया है और इसके कार्यान्वयन के विरोध में 4 मई से हड़ताल की घोषणा की है।

इस बीच शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और पूर्व सांसद संजय निरुपम ने सरकार से अधिक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि चालकों को मराठी बोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, लेकिन सख्त परीक्षा से बचना चाहिए, क्योंकि उनमें से कई उच्च शिक्षित नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उच्च शिक्षित व्यक्ति टैक्सी या ऑटो चालक के रूप में नौकरी करेंगे।

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