पुणे , नवंबर 16 -- महाराष्ट्र राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) आयुक्त पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

यह कार्रवाई बीएबी एग्रो लिमिटेड पुणे के पूर्व कर्मचारी अविनाश रामचंद्र नाटू द्वारा दायर उस मामले से संबंधित है जिसमें कंपनी द्वारा समय पर ईपीएफ रिटर्न जमा न करने के कारण उनकी पेंशन और भविष्य निधि की बकाया राशि देने से इनकार कर दिया गया था। पुणे के ईपीएफ कार्यालय में कई बार पूछताछ के बावजूद कर्मचारी को कोई राहत नहीं मिली। परिणामस्वरूप श्री नाटू ने पुणे स्थित भारतीय मजदूर संघ (आईएमएस) का दरवाजा खटखटाया।

जिला फोरम ने आवेदक के पक्ष में फैसला सुनाया और आदेश दिया कि कर्मचारी की भविष्य निधि और पेंशन राशि ब्याज सहित चुकाई जाए। यद्यपि ईपीएफ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने इस आदेश के विरुद्ध गलत अपील दायर की। राज्य उपभोक्ता आयोग ने इस आधार पर अंतरिम अपील खारिज कर दी कि यह गलत पक्ष द्वारा दायर की गई है। आयोग ने अपील खारिज करते हुए ईपीएफ कार्यालय की लापरवाही की कड़ी आलोचना की और निर्देश दिया कि कर्मचारी को 10,000 रुपये का मुआवजा दिया जाए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित