मुंबई , मई 10 -- महाराष्ट्र कांग्रेस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता एवं विचारक विकास लावंड़े पर शनिवार को स्याही फेंके जाने की घटना की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस ने इसे न केवल एक व्यक्ति पर हमला बताया, बल्कि महाराष्ट्र की सहिष्णुता और संत परंपराओं की विरासत पर भी हमला करार दिया।
महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने रविवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि खुद को वारकरी कार्यकर्ता बताने वाले संग्राम भंडारे द्वारा किया गया यह हमला, संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम जैसे संतों द्वारा सिखाए गए सद्भाव और समानता के मूल्यों पर एक प्रहार है।
उन्होंने दावा किया कि भंडारे ने इससे पहले भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट को धमकी दी थी, जिसके बाद उस समय सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण में चरमपंथी प्रवृत्तियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके चलते महाराष्ट्र की एक प्रगतिशील और सांस्कृतिक रूप से सहिष्णु राज्य वाली छवि को नुकसान पहुंचाने के बार-बार प्रयास किए जा रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि महाराष्ट्र की सामाजिक नींव शाहू महाराज, महात्मा ज्योतिराव फुले, बी. आर. अंबेडकर, गोपाल गणेश अगरकर, धोंडो केशव कर्वे और कर्मवीर भाऊराव पाटिल जैसे समाज सुधारकों की शिक्षाओं और योगदान पर टिकी है, जिन्होंने समानता, शिक्षा और सामाजिक सुधार को बढ़ावा दिया।
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