मुंबई , सितंबर 11 -- महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने मंत्रियों के कार्यालयों में तय स्टाफ सीमा को लागू करने के मकसद से, वहां अस्थायी रूप से काम कर रहे 570 कर्मचारियों को उनके मूल विभागों में वापस भेजने का आदेश दिया है।
इन कर्मचारियों को सिफारिशों, प्रतिनियुक्ति , अस्थायी व्यवस्था और मौखिक आदेशों के जरिए मंत्रियों के कार्यालयों में नियुक्त किया गया था। उन्हें इन पदों पर बने रहने के लिए 10 सितंबर तक का समय दिया गया था, जिसके बाद उन्हें अपने मूल विभागों में वापस रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।
इस फैसले से कुछ मंत्रियों में नाराजगी बतायी जा रही है, क्योंकि सीएमओ ने अब संकेत दिया है कि मंत्रियों के कार्यालयों में नई नियुक्तियां व्यक्तिगत पसंद या सिफारिशों के बजाय उचित जांच-पड़ताल और सत्यापन के बाद ही की जाएंगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह भी आदेश दिया है कि जो कर्मचारी अपने मूल विभागों में वापस नहीं लौटते हैं, उनकी सितंबर महीने की सैलरी रोक दी जाए। मंत्रियों के साथ काम करने वाले कुछ निजी सचिवों (प्राइवेट सेक्रेटरी) को भी उनके मूल विभागों में वापस जाने के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री, राज्य मंत्री और अन्य मंत्रियों के कार्यालयों के लिए कुल स्वीकृत स्टाफ संख्या 904 पद तय की गई है। इस सीमा के मुकाबले, अब तक 549 अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया गया था, जबकि 355 पद खाली हैं। तय सीमा के बावजूद, 570 अधिकारियों और कर्मचारियों को अस्थायी या उधार ली गई व्यवस्था के तहत लाया गया था।
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