मुंबई , मई 5 -- महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार को शिक्षा, जनजातीय छात्र कल्याण और सोलापुर तथा धाराशिव जिलों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई से संबंधित तीन प्रमुख निर्णयों को मंजूरी दी।

मुख्य निर्णयों में से एक जनजातीय छात्रों के लिए शैक्षिक अवसरों में सुधार पर केंद्रित है। मंत्रिमंडल ने स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित पांच प्राथमिक और 19 माध्यमिक सहायता प्राप्त आश्रम विद्यालयों के उन्नयन को मंजूरी दी। इन विद्यालयों को अब प्राथमिक से माध्यमिक स्तर और माध्यमिक स्तर से कनिष्ठ महाविद्यालय स्तर पर उन्नत किया जाएगा।

आवश्यक पदों के सृजन और वित्तीय प्रावधानों के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय बच्चों के लिए शिक्षा तक पहुंच बढ़ने की उम्मीद है। एक अन्य निर्णय में, मंत्रिमंडल ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से सोलापुर के सरकारी पॉलिटेक्निक में तीन स्नातक स्तरीय इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू करने को मंजूरी दी।

इस कदम से सोलापुर और आसपास के क्षेत्रों के इच्छुक इंजीनियरिंग छात्रों को लाभ होने की उम्मीद है। 60 छात्रों की प्रवेश क्षमता वाले इन नए पाठ्यक्रमों में 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग', 'कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग' तथा 'इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग' शामिल हैं। मंत्रिमंडल ने धाराशिव जिले के तुलजापुर में स्थित श्री तुलजाभवानी इंजीनियरिंग कॉलेज को भी राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया, जो वर्तमान में श्री तुलजाभवानी मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित है।

इस हस्तांतरण से संस्थान के मजबूत होने और आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण इंजीनियरिंग शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

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