मुंबई , जुलाई 21 -- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आज यहां हुई महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की एक उच्च-स्तरीय बैठक में कृषि, आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक दक्षता और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई रणनीतिक एवं बदलाव लाने वाले फैसलों को मंज़ूरी प्रदान की गई।
बैठक में विदर्भ क्षेत्र में कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए, मंत्रिमंडल ने नागपुर जिले के काटोल में बागवानी के एक नए सरकारी कॉलेज की स्थापना को मंज़ूरी दी गई। यह कॉलेज डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ, अकोला से संबद्ध होगा और इसमें प्रति वर्ष 120 छात्रों का नामांकन होगा। विदर्भ के सभी 11 ज़िलों के विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने वाला यह संस्थान फलों की खेती, सब्ज़ी उत्पादन, फूलों की खेती, खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के क्षेत्रों में उन्नत अनुसंधान, शिक्षा एवं कौशल विकास को बढ़ावा देगा। कॉलेज के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए 51 नियमित पदों के सृजन को भी मंज़ूरी प्रदान की गई।
आपातकालीन स्थिति में तीव्र कार्रवाई करने के लिए राज्य के आपदा प्रतिक्रिया अवसंरचना को मज़बूत करने के उद्देश्य से, मंत्रिमंडल ने पुणे ज़िले के मावल तालुका के मौजे सदुम्ब्रे में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को तीन हेक्टेयर ज़मीन आवंटित करने की मंज़ूरी दी। इस ज़मीन पर एनडीआरएफ का एक स्थायी बेस कैंप बनाया जाएगा। इस सुविधा से कर्मियों को नियमित तकनीकी प्रशिक्षण मिल सकेगा और पूरे राज्य में आपातकालीन स्थितियों के दौरान तीव्रता से एवं प्रभावी रूप से बचाव कार्य किए जा सकेंगे।
राज्य के ग्रामीण एवं पिछड़े इलाकों में संतुलित विकास को बढ़ावा देने के लिए, मंत्रिमंडल ने 'आकांक्षी तालुका कार्यक्रम' को लागू करने की मंज़ूरी दी। यह पहल वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 177 आकांक्षी तालुकों में पायलट आधार पर शुरू की जाएगी। चुने हुए प्रत्येक तालुका को विकास कार्यों के लिए पांच करोड़ रुपये का विशेष विकास कोष मिलेगा। 2027-28 में इन तालुकों में हुए कामों का सटीक मूल्यांकन किया जाएगा और सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले तालुकों को राज्य सरकार पुरस्कारों से सम्मानित करेगी।
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