गढ़चिरोली , मई 28 -- महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से सटे घने जंगल वाले इलाके में सुरक्षा बलों ने एक नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हथियारों, विस्फोटकों और कथित तौर पर हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का एक जखीरा बरामद किया है।
अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह बरामदगी 27 मई को चल रहे 'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' के तहत की गई। यह कार्रवाई आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी।
पुलिस के एक बयान के अनुसार बरामद हथियारों में एक इंसास राइफल, दो सिंगल-शॉट राइफलें, दो 12-बोर राइफलें और 18 जिंदा कारतूस शामिल थे।
बयान में कहा गया है कि जवानों ने कथित तौर पर हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और सामग्री भी बरामद की, जिसमें दो लेथ मशीनें, दो मोटरें, एक ग्राइंडर मशीन, इन्वर्टर यूनिट, बैटरियां, लोहे की छड़ें और सोलर पैनल शामिल हैं।
इस अभियान के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई जिसमें 25 किलोग्राम के इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), दो क्लेमोर माइन, 110 डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर, 500 से अधिक बीजीएल सेल, सात बीजीएल लॉन्चर और तीन ट्यूब लॉन्चर शामिल हैं।
यह संयुक्त अभियान गढ़चिरोली पुलिस की सी-60 कमांडो यूनिट द्वारा, पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बम निरोधक दस्ता के समन्वय से चलाया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि हथियार और हथियार बनाने के उपकरण छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में काकुर पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र से लगभग सात किलोमीटर दूर एक जंगली इलाके में छिपाकर रखे गए थे।
शुरुआती जांच से पता चला है कि नक्सलियों ने सीमावर्ती क्षेत्र में तैनात सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने के लिए इन सामग्रियों का जखीरा जमा किया था। मौके पर मिली भारी मशीनरी और हथियार बनाने के उपकरणों को अभियान के दौरान नष्ट कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने कहा कि इस कार्रवाई से इलाके में नक्सली गतिविधियों को एक बड़ा झटका लगा है।
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