मुंबई , अक्टूबर 06 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की हुई बैठक में सुरक्षाकर्मियों, वंचित समुदायों और उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सात बड़े नीतिगत फैसलों को मंज़ूरी दी गयी।
इस व्यापक पैकेज में कई महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं, जैसे पुलिस बल के लिए वीरता सम्मान, शिक्षा भत्ते में बढ़ोतरी और पारंपरिक कामगारों के लिए ज़रूरी आर्थिक राहत। ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस और जोखिम उठाने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने के लिए राज्य ने 'मुख्यमंत्री वीरता पदक' शुरू किया है। इस सम्मान में 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार, एक पदक और एक प्रशस्ति पत्र शामिल है। इसकी घोषणा हर साल महाराष्ट्र दिवस (1 मई) की पूर्व संध्या पर की जायेगी।
नवाचार और अत्याधुनिक तकनीकी शोध को बढ़ावा देने के लिए, कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री सृष्टि' (उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध, नवाचार और प्रौद्योगिकी केंद्र के लिए योजना) को मंज़ूरी दी। इसे सरकारी विश्वविद्यालयों और प्रमुख तकनीकी संस्थानों में लागू किया जायेगा।
पारंपरिक पत्थर काटने वालों और खदान श्रमिकों के लिए महाराष्ट्र भूमि राजस्व नियमों में संशोधन करके लघु खनिज रॉयल्टी छूट के लिए सालाना खुदाई की सीमा को 200 ब्रास से बढ़ाकर 500 ब्रास कर दिया गया है।
सरकार ने एक पारदर्शी और समयबद्ध नीतिगत ढांचा तैयार किया है ताकि पुलिस हिरासत में अस्वाभाविक मौत का शिकार हुए लोगों के कानूनी उत्तराधिकारियों को तुरंत आर्थिक मदद मिल सके। लगभग 2,388 सहायता प्राप्त सामाजिक न्याय छात्रावासों में निरीक्षक, रसोइयों, सहायकों और चौकीदारों के मानदेय में काफी बढ़ोतरी की गयी है।
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