मुंबई , अप्रैल 13 -- महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को 'विकसित महाराष्ट्र 2047' विजन के अनुरूप कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी देते हुए नौकरियों के दायरे को बढ़ाने और 3,700 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य देखभाल प्रस्ताव को मंजूरी दी ।

राज्य सरकार का लक्ष्य भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाना है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती किए जाने वाले सेवा कैडरों की संख्या 53 से बढ़ाकर 153 कर दी गई है। संघ लोक सेवा आयोग मॉडल से प्रेरित होकर भर्ती प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए 'महाजॉब्स' पोर्टल के माध्यम से 'निपुण सेतु' पहल शुरू की जाएगी।

संयुक्त परीक्षा योजना में नयी सेवाओं को शामिल किया जाएगा, जिससे उम्मीदवारों को अधिक अवसर मिलेंगे। राज्य में स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक बड़े निवेश की योजना बनाई गयी है। जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) चिकित्सा शिक्षा और नर्सिंग सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए 3,708 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल अधिनियम में संशोधन किया जाएगा, ताकि सदस्यों की नियुक्ति चुनाव की बजाय सरकारी नामांकन के माध्यम से की जा सके।

मुंबई में 'आईईएस स्किल टेक यूनिवर्सिटी' को एक स्थायी, स्व-वित्तपोषित निजी संस्थान के रूप में स्थापित करने की मंजूरी दे दी गई है। इसका उद्देश्य अत्यधिक कुशल कार्यबल तैयार करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास कोष के तहत तटीय जिलों में मछुआरों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए 61.24 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

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