मुंबई , सितंबर 01 -- महाराष्ट्र कैबिनेट ने लोगों की सुरक्षा, बेहतर प्रशासन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, कई क्षेत्रों को शामिल करने वाली एक व्यापक रणनीति पेश की है जिसके तहत राज्य को नशीले पदार्थों से पूरी तरह मुक्त करने के लिए 2029 की सख्त समय-सीमा तय की गयी है।

मंत्रिमंडल ने नशीले पदार्थो की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए, 'नशामुक्त भारत अभियान' के तहत एक समग्र "होल-ऑफ-गवर्नमेंट अप्रोच" (सरकार के सभी विभागों की मिली-जुली कोशिश) को मंज़ूरी दी है। यह नीति केवल कानून लागू करने वाली एजेंसियों की कार्रवाई पर निर्भर रहने के बजाय, पूरे प्रशासनिक तंत्र में रोकथाम, सज़ा और जन-जागरूकता के मिले-जुले तरीकों को अपनाती है, ताकि सप्लाई चेन को रोका जा सके और युवाओं में ड्रग्स के इस्तेमाल पर लगाम लगाई जा सके।

इस वेलनेस मुहिम को संस्थागत स्तर पर आगे बढ़ाते हुए सरकार ने सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी दफ्तरों, कैंटीन और आधिकारिक बैठकों में खान-पान के मानकों में एक बड़ा और सेहतमंद बदलाव अनिवार्य कर दिया है। भारी, तैलीय और मीठे स्नैक्स की जगह पौष्टिक और संतुलित विकल्प अपनाकर, इस जन-स्वास्थ्य पहल का मकसद आधिकारिक खान-पान मेन्यू तक में वेलनेस को शामिल करना है।

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