मुंबई , सितंबर 26 -- महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शनिवार को कहा कि सरकार ने राज्य के 75 प्रतिशत हिस्से में सूखा घोषित कर दिया है लेकिन प्रभावित किसानों के लिए अभी तक किसी ठोस आर्थिक मदद की घोषणा नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उप-मुख्यमंत्रियों ने सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा किया और हालात की गंभीरता को देखा है।
उन्होंने दशहरा और दिवाली के त्योहारों को देखते हुए मांग की कि किसानों के बैंक खातों में सीधे एक लाख रुपये प्रति हेक्टेयर जमा किए जाएं और पंचनामा और सर्वे जैसी औपचारिकताएं बाद में पूरी की जाएं। श्री सपकाल ने कहा, "खरीफ की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जबकि किसान पानी और चारे की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। कई गांवों और बस्तियों में पीने के पानी की भी किल्लत है।"श्री सपकाल ने फसल ऋण माफ करने, रबी सीजन के लिए विशेष आर्थिक मदद, पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और छात्रों की केवल परीक्षा फीस की बजाय पूरी शैक्षणिक फीस माफ करने की मांग की। उन्होंने खेतिहर मजदूरों के लिए भी अलग से आर्थिक मदद की मांग की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस साल भीषण सूखे के कारण किसानों को खेती से कमाई होने की उम्मीद कम है और सवाल किया कि बिना तुरंत मदद के वे अपने परिवारों का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कैसे करेंगे।
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