रत्नागिरी , जनवरी 21 -- महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार अम्बालकर की अदालत ने बुधवार को एक युवक को 2022 में जिले के लांजा में एक नाबालिग लड़की के साथ बार-बार दुष्कर्म करने के आरोप में दोषी ठहराया और उसे 20 वर्षों के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

सरकारी वकील मेघना नलवाडे के अनुसार, आरोपी साहिल दत्ताराम मसाने (21) ने लांजा स्थित घर में खाना बनाने जाता था और उसने पीड़िता से बार-बार दुष्कर्म किया और उसे छह महीने की गर्भवती कर दिया। उसने लड़की को यह धमकी भी दी थी कि अगर उसने किसी को इसके बारे में बताया तो वह उसे जान से मार देगा।

जब पीड़िता के परिजनों को पता चला कि वह छह महीने की गर्भवती है तो उन्होंने लांजा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। शिकायत के आधार पर, तत्कालीन सहायक पुलिस निरीक्षक तेजस्विनी पाटिल ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 376 (एफ), 376 (जे), 376 (एन), 506 और बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 4, 6, 8, 12 के अंतर्गत मामला दर्ज किया।

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