मुंबई , जुलाई 26 -- महाराष्ट्र के अमरावती जिले के मेलघाट में टिटाम्बा स्थित सरकारी आदिवासी आश्रम स्कूल के लगभग 50 आदिवासी छात्रों को खाद्य विषाक्तता के संदेह में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि यह घटना शनिवार को देर रात तब हुई, जब शाम का खाना खाने के कुछ घंटों बाद छात्रों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत शुरू हुई। प्रभावित छात्रों को तुरंत धारणी उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी छात्रों के स्थिर और खतरे से बाहर होने की बात बताई।

प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि छात्रों को परोसा गया खाना आदिवासी कल्याण विभाग की भोजन वितरण प्रणाली के तहत टेम्बली के केंद्रीय रसोईघर से आया था। अधिकारियों को शक है कि दूषित या बासी खाने की वजह से यह घटना हुई हो सकती है, हालांकि असली वजह का पता प्रयोगशाला में जांच के बाद ही चलेगा। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी घटना स्थल के तुरंत बाद स्कूल पहुंचे।

खाने और पीने के पानी के नमूने इकट्ठा करके जांच के लिए न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए हैं, साथ ही रसोईघर और खाना रखने की जगहों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि खाना बनाने, रखने या लाने-ले जाने में कोई लापरवाही हुई है या नहीं, यह पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना से माता-पिता और स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई है। उन्होंने खाना भेजने वाले और खाने की गुणवत्ता की निगरानी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए सरकारी आदिवासी आश्रम स्कूलों में सुरक्षा की बेहतर जांच की भी मांग की है।

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