मुंबई , सितंबर 15 -- महाराष्ट्र के राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने मंगलवार को मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल पर मराठा समुदाय के भीतर सामाजिक अशांति फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने को श्री पाटिल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

श्री जायसवाल ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने मराठा समुदाय के लिए बहुत कम काम किया है, वे अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए श्री जरांगे पाटिल का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने मराठा समुदाय के लिए कुछ नहीं किया है, वे अपने मकसद के लिए उनका इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता के पीछे जो लोग हैं, उन्हें सामने आना चाहिए और आंदोलन के असली मकसद के बारे में बताना चाहिए। उनसे जब पूछा गया कि क्या विपक्षी दल श्री जरांगे पाटिल के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं, तो श्री जायसवाल ने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "जो लोग समझते हैं, उन्हें इशारा मिल जाएगा।"मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में कानून का शासन चलता है और जाति सत्यापन समितियां तय नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार काम कर रही हैं। श्री जायसवाल ने श्री जरांगे पाटिल के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह कार्यकर्ता के मन में मौजूद 'नाराजगी या नफरत' को समझ नहीं पा रहे हैं। गौरतलब है कि उनकी यह टिप्पणी तब आई है जब श्री जारांगे पाटिल मराठा समुदाय की आरक्षण समेत लंबित मांगों को मनवाने के लिए मुंबई की ओर बढ़ रहे हैं।

गौरतलब है कि मुंबई पुलिस ने आजाद मैदान में उनके प्रस्तावित आंदोलन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके पीछे पिछले विरोध-प्रदर्शन के दौरान लोगों की भारी भीड़ और चल रहे गणेशोत्सव समारोह जैसे कारण बताए गए हैं। अनुमति न मिलने के बावजूद खबर है कि श्री जरांगे पाटिल समर्थकों की बड़ी भीड़ की बजाय कार्यकर्ताओं के एक चुनिंदा समूह के साथ मुंबई की ओर बढ़ गए हैं।

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