मुंबई , जून 19 -- महाराष्ट्र के मंत्री शंभूराज देसाई ने राज्य में चल रहे "ऑपरेशन टाइगर" एवं विधायकों के बीच कथित असंतोष के परिप्रेक्ष्य में कहा कि उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में बेचैनी साफ़ तौर पर दिखाई देने लगी है तथा छह बागी सांसदों की बेचैनी पहले ही दिख चुकी है और पार्टी के विधायकों के बीच भी ऐसी ही स्थिति बन सकती है।
श्री देसाई के अनुसार, कई विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों में रुके हुए विकास कार्यों के लिए पार्टी नेतृत्व का समर्थन प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस कारण उन्हें मतदाताओं के मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ रहा है और पार्टी में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने संकेत दिया कि सांसदों की तरह ही, भविष्य में कुछ विधायक भी बगावत कर सकते हैं।
शिव सेना स्थापना दिवस के अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए श्री देसाई ने कहा कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी, बाल ठाकरे और आनंद दिघे की उग्र हिंदुत्व विचारधारा को ज़मीनी स्तर तक लाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि बाल ठाकरे का दृष्टिकोण था कि पूरे महाराष्ट्र में हर घर में एक शिव सैनिक हो। उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ता अब संगठन को बढ़ाने के लिए गांव, मोहल्ले और वार्ड स्तर पर एकजुट हो रहे हैं।
श्री देसाई ने 2022 के बाद हुए राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दो सालों में श्री शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने वाले विधायकों, पार्षदों, ज़िला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और सरपंचों की संख्या में बहुत बढ़ोतरी हुई है।
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