नयी दिल्ली , अक्टूबर 03 -- कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार और 70 हजार से अधिक रिक्त सरकारी पदों को भरने की मांग करते हुए कहा है कि वह छात्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान कराने के लिए इस मुद्दे को राज्य सरकार के सामने फिर उठायेंगे।
श्री गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि पुणे में 'छात्रों की गूँज' कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के छात्रों ने पेपर लीक, रुकी भर्तियों, महंगी पढ़ाई, बदहाल छात्रावास, खराब भोजन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) में धोखाधड़ी जैसी समस्याएं उनके सामने रखी थीं। इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग में सुधार करने और परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि इसी वजह से छात्र आज पुणे में सत्याग्रह कर रहे हैं। उनकी मांग है कि एमपीएससी के अध्यक्ष इस्तीफा दें और उनकी जगह ईमानदार एवं योग्य अधिकारी की नियुक्ति की जाये तथा 70 हजार से अधिक रिक्त सरका री पदों को तत्काल भरा जाये।
श्री गांधी ने कहा कि ये मांगें अनुचित नहीं हैं और इन पर आश्वासन देने के बजाय कार्रवाई की जानी चाहिए। महाराष्ट्र स्पर्धा परीक्षा समन्वय समिति ने अपना आंदोलन 'सत्याग्रह' डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) इस आंदोलन में लगातार छात्रों के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने दोनों संगठनों से छात्रों की मांगें पूरी होने तक उनके साथ संघर्ष जारी रखने को कहा है। वह इस मुद्दे को महाराष्ट्र सरकार के सामने फिर उठाकर इसका स्थायी समाधान कराने की मांग करेंगे।
श्री गांधी ने कहा कि छात्रों का भविष्य तय करने वाली संस्था पर कब्जा कर लिया गया है और इसे ऐसे ही नहीं चलने दिया जायेगा।
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