गोंदिया , सितंबर 24 -- महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में स्थित सरकारी बाई गंगाबाई महिला अस्पताल में तीन दिनों के भीतर तीन गर्भवती महिलाओं की मौत की घटना से जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यक्षमता और डॉक्टरों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं।
गौरतलब है कि ये मौतें 21 से 23 सितंबर के बीच हुईं। इन मामलों में ग्रामीण इलाकों की वे महिलाएं शामिल थीं जिन्हें प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था और बाद में उनमें एक साथ कई तरह की समस्याएं पैदा हो गयी।
नावेगांवबंध की रहने वाली कोमल सतीश गजभिये (24) को 20 सितंबर को भर्ती कराया गया था और अगले दिन उनका सिजेरियन ऑपरेशन हुआ। बाद में पेशाब करने में दिक्कत होने पर उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। बताया जाता है कि उनकी दोनों किडनी ने काम करना बंद कर दिया था और 22 सितंबर को आईसीयू में उनकी मौत हो गयी।
तिरोडा तहसील के कचेवानी की रहने वाली नाजुक रियाज शाह (25) ने 19 सितंबर को एक बच्ची को जन्म दिया। बाद में उसकी हालत बिगड़ गयी और 21 सितंबर को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। उसकी मौत का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।
गोंदितोला-घिवरी की रहने वाली पूजा राकेश फरकुंडे (24) की भी 23 सितंबर को मौत हो गयी। एक रिपोर्ट के अनुसार उन्हें रावणवाड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से अस्पताल भेजा गया था और उनका हीमोग्लोबिन स्तर केवल 5 ग्राम पाया गया था। प्रसव से पहले ही उनके बच्चे की भी मौत हो गयी थी।
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