नागपुर , मई 09 -- एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया) ने घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए अनिवार्य किए गए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी/ओटीपी) नियम को चुनौती देते हुए बॉम्बे उच्च न्यायालय की नागपुर खंडवीठ में याचिका दायर की है।
न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोड़े की पीठ ने मामले की सुनवाई की।
याचिका में कहा गया है कि पहले सिलेंडर डिलीवरी के लिए डीएसी अनिवार्य नहीं था। हालांकि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कालाबाजारी की शिकायतों का हवाला देते हुए तेल कंपनियों ने इसे चरणबद्ध तरीके से सख्ती से लागू करना शुरू किया। पहले इसे 50 प्रतिशत डिलीवरी पर लागू किया गया, बाद में 95 प्रतिशत तक बढ़ाया गया और अंततः चार अप्रैल 2026 को व्हाट्सऐप संदेश के माध्यम से इसे 100 प्रतिशत अनिवार्य कर दिया गया।
एसोसिएशन ने दलील दी कि नेटवर्क फेल होने, तकनीकी खामियों और सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं के कारण अक्सर ओटीपी जनरेट नहीं हो पाता, जिससे सिलेंडर वितरण बाधित होता है और ग्राहकों तथा वितरकों के बीच विवाद पैदा होते हैं।
याचिका में यह भी कहा गया कि आठ मार्च से 17 मार्च के बीच "ब्लैकआउट" अवधि के दौरान भौतिक और डिजिटल स्टॉक रिकॉर्ड में अंतर आने से बुकिंग और डिलीवरी व्यवस्था प्रभावित हुई।
एसोसिएशन ने बताया कि उसने पहले भी इसी मुद्दे पर याचिका दायर की थी, जिसे वापस लेकर 17 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार को एक प्रतिवेदन सौंपा गया था। इसमें नियम लागू करने में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों का उल्लेख किया गया था, लेकिन कोई राहत नहीं मिली।
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