उल्हासनगर , सितंबर 26 -- महाराष्ट्र के उल्हासनगर में परिवार के सदस्यों की बीमारियां ठीक करने और घर में एक धार्मिक स्थल के नीचे कथित रूप से दबे खजाने को निकालने का झांसा देकर दो स्वयंभू बाबाओं ने एक महिला से चार लाख रुपये नकद और सोने के गहने कथित तौर पर ठग लिये। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह मामला उल्हासनगर के कैंप-5 इलाके में सामने आया। हिल लाइन पुलिस थाने में पांच लोगों के खिलाफ महाराष्ट्र के अंधविश्वास विरोधी कानून सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायत के अनुसार, एक दोस्त के जरिए महिला की पहचान आरोपियों से हुई थी। आरोपियों की पहचान बब्बू गुरु और पम्मी गुरु के रूप में हुई है। दोनों ने कथित तौर पर महिला को विश्वास दिलाया कि वे उसके परिवार के सदस्यों की बीमारियां ठीक कर सकते हैं और उसके घर में बने धार्मिक स्थल के नीचे दबे हुए खजाने को निकाल सकते हैं।
आरोपियों ने कथित तौर पर महिला के घर पर एक तांत्रिक अनुष्ठान किया। इस दौरान उन्होंने चार लाख रुपये नकद और सोने के आभूषण यह कहते हुए ले लिए कि अनुष्ठान और खजाना निकालने के लिए इन कीमती वस्तुओं की जरूरत है। अनुष्ठान के बाद कुछ भी बरामद नहीं हुआ और परिवार के सदस्यों की कथित स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी जारी रहीं। खुद के साथ ठगी होने का एहसास होने पर महिला ने आरोपियों से अपने रुपये और गहने वापस मांगे। महिला ने आरोप लगाया कि सामान लौटाने के बजाय बब्बू गुरु ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद महिला हिल लाइन पुलिस थाने पहुंची। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरू में उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इस बीच घर में धार्मिक स्थल के नीचे किया गया पूरा अनुष्ठान वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गया था। बाद में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया और तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने बब्बू गुरु, पम्मी गुरु और तीन अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता तथा महाराष्ट्र के अंधविश्वास विरोधी कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की आगे जांच जारी है।
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