यवतमाल , जुलाई 31 -- महाराष्ट्र के इस जिले में मूसलाधार बारिश के बीच बाढ़ की तेज धार में कार बह जाने से एक महिला और उनकी दो किशोर बेटियों की मौत हो गयी।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि यह घटना गुरुवार देर रात उस समय हुई, जब परिवार आर्टिगा कार से यात्रा कर रहा था। वाहन बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया।
पुलिस ने बताया कि महिला के साथ कार में उनके पति अविनाश खंदारे भी थे, जो बचने में कामयाब रहे।इस हादसे में अविनाश की माधवी खंदारे (42) और बेटियां साची खंदारे (17) तथा प्राची खंदारे (11) की मौत हो गयी।
मिली जानकारी के अनुसार, यवतमाल का खंदारे परिवार गुरुवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपनी कार से रालेगांव गया था। बोरी अरब में रिश्तेदारों को छोड़ने के बाद अविनाश पत्नी और बेटियों के साथ आधी रात के करीब दारव्हा होते हुए लोणी के लिए रवाना हुआ।
दहिली गांव के पास कुप्ती नदी के पुल के ऊपर से पानी तेज बहाव के साथ उफन रहा था। उसी बहाव में कार अनियंत्रित होने लगी। स्थिति की गंभीरता भांपते ही अविनाश और माधवी ने मोबाइल फोन से अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से संपर्क किया और तुरंत मदद मांगी। कुछ ही पलों में हालांकि बाढ़ का तेज बहाव कार समेत पूरे परिवार को बहा ले गया। इस बीच अविनाश एक पेड़ पकड़ने में सफल रहे। वे उस पर चढ़ गये। उन्होंने मदद के लिए पुकार लगायी।
स्थानीय निवासी और बचाव दल उनकी आवाज की दिशा में पहुंचे। प्रयासों के बाद शुक्रवार सुबह करीब चार बजे अविनाश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और इलाज के लिए तुरंत दारव्हा ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस बीच बाढ़ के पानी में बह गयी अर्टिगा कार दोपहर करीब 12 बजे घटनास्थल से लगभग 200 से 300 मीटर की दूरी पर मिली।वाहन की जांच करने पर उनकी पत्नी माधवी, साची और प्राची के शव अंदर पाये गये। बचाव दल और मौके पर मौजूद ग्रामीणों की मदद से तीनों शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए दारव्हा भेजा गया।
सूत्रों ने बताया कि पुल पर रेलिंग नहीं है। बाढ़ का पानी बढ़ने पर रास्ता बंद कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद पर्याप्त एहतियाती कदम नहीं उठाये गये।
यह बात भी सामने आयी है कि सड़क का काम जारी रहने के दौरान संबंधित ठेकेदार ने दिशा-निर्देश बोर्ड या चेतावनी संकेत नहीं लगाया था।
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