मुंबई , जून 03 -- महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने बुधवार को आगामी विधान परिषद चुनाव एकजुट होकर लड़ने के अपने संकल्प को दोहराया। गठबंधन के नेताओं ने दावा किया कि सीट-बंटवारे को लेकर सभी आंतरिक मतभेद पूरी तरह सुलझा लिये गये हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेताओं ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कर एकजुटता का प्रदर्शन किया और कई निर्वाचन क्षेत्रों में गठबंधन के सदस्यों द्वारा बगावत किये जाने की चिंताओं को खारिज कर दिया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने मीडिया को संबोधित करते हुए गठबंधन के सामूहिक नेतृत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, " केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और राज्य में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रशासन के साथ-साथ उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में इस सरकार ने लगातार किसानों और कामकाजी वर्ग के कल्याण को प्राथमिकता दी है।"श्री चव्हाण ने बताया कि गठबंधन के घटक दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच व्यापक विचार-विमर्श के बाद सीट-बंटवारे के फार्मूले को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने कहा, " उम्मीदवारों ने एक जून को अपने नामांकन दाखिल कर दिये हैं। हमें पूरा विश्वास है कि जिन लोगों ने बागी के रूप में नामांकन किया है, वे चार जून की समय-सीमा से पहले अपनी उम्मीदवारी वापस ले लेंगे।"राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के भीतर एकजुटता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, " राष्ट्रीय और राज्य दोनों स्तरों पर राजग की ताकत बनाये रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि हम यह चुनाव मिलकर लड़ें। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में हमने प्रत्येक दल की चुनावी ताकत के आधार पर सीटों का आवंटन किया है।"शिवसेना की ओर से बोलते हुए राहुल शेवाले ने गठबंधन की संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा, " हम मौजूदा सीट-बंटवारे के फार्मूले के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हमें भरोसा है कि महायुति के सभी 17 उम्मीदवार विजयी होंगे। जहां तक उन लोगों का सवाल है, जिन्होंने आधिकारिक उम्मीदवार न होने के बावजूद नामांकन दाखिल किया है, उनसे बातचीत चल रही है और हम आश्वासन देते हैं कि उनके पिछले योगदान का पूरा सम्मान किया जाएगा। "गठबंधन के नेताओं ने दोहराया कि उनका मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराना है और महायुति का पूरा ध्यान आगामी विधान परिषद चुनावों में निर्णायक जनादेश हासिल करने पर केंद्रित है।
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