नागपुर , अक्टूबर 14 -- महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने बुधवार को सूखा राहत, किसानों से कथित जबरन ऋण वसूली, छात्रों की फीस और राज्य सरकार की खर्च प्राथमिकताओं को लेकर महाराष्ट्र सरकार को कटघरे में खड़े करते हुए सूखा प्रभावित किसानों के लिए तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की।

श्री वडेट्टीवार ने यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि एक तरफ जहां सूखा प्रभावित किसान अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं और उनके बच्चे कॉलेज की फीस देने में असमर्थ हैं, वहीं दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग ने पुणे में 700 करोड़ रुपये के जॉगिंग ट्रैक के लिए टेंडर जारी किया है।

सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "राज्य 'अंधेर नगरी, चौपट राजा' में तब्दील हो गया है।"श्री वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि सरकार के ऋण पुनर्गठन के दावों के बावजूद बैंक, साख समितियां और माइक्रोफाइनेंस कंपनियां सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जबरन ऋण वसूली का सहारा ले रही हैं। उन्होंने दावा किया कि अकोला जैसे जिलों में रिकवरी एजेंट किसानों के घरों का दौरा कर रहे हैं और महिलाओं की तस्वीरें खींच रहे हैं। ऐसे उत्पीड़न के खिलाफ प्रभावित किसानों से शिकायत दर्ज कराने की अपील करते हुए उन्होंने उन्हें अपने समर्थन का आश्वासन दिया और कहा कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे।

कांग्रेस नेता ने केवल 300 से 400 रुपये की परीक्षा फीस माफ करने के सरकार के फैसले की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, मेडिकल, एमएससी और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे छात्रों को छात्रावास के खर्चों के अलावा एक लाख से तीन लाख रुपये तक की फीस का सामना करना पड़ता है। फसल के नुकसान ने किसानों को वित्तीय संकट में धकेल दिया है, जिससे उनके लिए अपने बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है, जबकि कॉलेजों द्वारा फीस चुकाने के दबाव का असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

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