सुलतानपुर , मई 09 -- उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती पर शनिवार को आयोजित दो प्रमुख कार्यक्रमों में क्षत्रिय समाज के नेताओं ने एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। कादीपुर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व सांसद एवं क्षत्रिय नेता बृजभूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर विधायक राजेश गौतम, विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी शैलेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री ओपी सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह उर्फ मोनू सिंह तथा नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पत्रकारों से बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को जोड़कर हिंदू समाज को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने सत्कर्मों पर ध्यान देना चाहिए। आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वह आरक्षण के विरोधी नहीं हैं, लेकिन गांव के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक इसका वास्तविक लाभ कब पहुंचेगा, यह बड़ा प्रश्न है। उन्होंने अपने समाज से ब्राह्मण समाज के आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और उन्हें सम्मान देने का भी आह्वान किया।
उधर शहर के सिविल लाइन स्थित क्षत्रिय भवन में क्षत्रिय शिक्षा समिति के अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह के नेतृत्व में महाराणा प्रताप जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई।
इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने महाराणा प्रताप को संघर्ष, समन्वय और सामाजिक एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उन्होंने भीलों, लोहारों और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर मुगलों की विशाल सेना का मुकाबला किया था। उन्होंने महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व की तुलना भगवान श्रीराम से करते हुए कहा कि जैसे भगवान राम ने शबरी, निषादराज और वानर सेना को साथ लेकर समाज को जोड़ने का कार्य किया, उसी प्रकार महाराणा प्रताप ने भी समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर संघर्ष किया।
संजय सिंह ने कहा कि भारत की असली पहचान "विविधता में एकता" है और महाराणा प्रताप को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब समाज और देश को एकजुट रखने का कार्य किया जाए। उन्होंने महाराणा प्रताप की वीरता का वर्णन करते हुए प्रसिद्ध पंक्तियां भी सुनाईं-"रणबीच चौकड़ी भर-भर कर, चेतक बन गया निराला था,राणा प्रताप के कोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।"कार्यक्रम के दौरान परशुराम चौक चौराहे पर शोभायात्रा का स्वागत वैदिक मंत्रोच्चार और पुष्पवर्षा के साथ किया गया। क्षत्रिय कल्याण समिति के अध्यक्ष संजय सिंह ने माल्यार्पण कर अतिथियों का स्वागत किया। देव पुरोहित महासभा के आचार्यों ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की। शोभायात्रा में एनसीसी, रोवर्स-रेंजर्स और एनएसएस के विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
दोपहर में आयोजित वीर वधू सम्मान समारोह में देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों की विधवाओं और माताओं को सम्मानित किया गया।
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