कोच्चि , अक्टूबर 30 -- केरलम में कलाडी स्थित श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय में 16 छात्रों के निलंबन के विरोध में 'स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को एर्नाकुलम के महाराजा कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में हंगामा किया। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन को कार्यक्रम स्थल से जाना पड़ा।
यह विरोध प्रदर्शन कॉलेज के दीक्षांत समारोह के दौरान हुआ, जिसमें श्री जॉन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। एसएफआई कार्यकर्ताओं और छात्र प्रतिनिधियों ने मंत्री का घेराव किया। उन्होंने मांग की कि मंत्री निलंबित छात्रों के खिलाफ की गयी अपनी टिप्पणी वापस लें और विश्वविद्यालय द्वारा की गयी अनुशासनात्मक कार्रवाई को रद्द कराने में हस्तक्षेप करें।
यह विवाद कलाडी विश्वविद्यालय में परिसर से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए आंदोलन के बाद 16 छात्रों के निलंबन से शुरू हुआ है। एसएफआई का आरोप है कि मंत्री ने प्रदर्शनकारी छात्रों को 'असभ्य' कहा, जो कि अस्वीकार्य है। उन्होंने मंत्री से माफी की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन के दौरान कुलपति को दर्शाते हुए एक ताबूत के इस्तेमाल के आरोपों का भी खंडन किया। उनका तर्क है कि यह एक नाटकीय प्रस्तुति का हिस्सा था, न कि किसी के व्यक्तिगत अपमान का कृत्य।
मंत्री ने शुरुआत में कहा कि छात्रों को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने और असहमति जताने का पूरा अधिकार है , हालांकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया कि वे अपनी मांगें रखने के लिए कार्यक्रम के खत्म होने तक इंतजार करें।
स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गयी जब छात्र प्रतिनिधियों ने तुरंत जवाब देने की मांग की। कुछ छात्रों ने माइक्रोफोन के ज़रिए अपनी बात रखने की कोशिश की, जिसका विरोध किया गया। इसके चलते तीखी बहस हुई और मंच के पास धक्का-मुक्की भी हुई।
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