भुवनेश्वर , अक्टूबर 28 -- 'महानदी बचाओ आंदोलन' ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच महानदी के पानी के प्रस्तावित बंटवारे को लेकर केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक करने की मांग की है। संगठन ने राज्य की दीर्घकालिक जल सुरक्षा, कृषि आवश्यकताओं और पारिस्थितिक स्थिरता पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
बुधवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में एमबीए के संयोजक सुदर्शन दास और अन्य सदस्यों ने केंद्र तथा ओडिशा सरकार से आग्रह किया कि प्रस्तावित जल-बंटवारा सूत्र तक पहुँचने के लिए उपयोग किए गए सहायक डेटा, तकनीकी मूल्यांकन, गणना, सिफारिशों और वैज्ञानिक पद्धतियों सहित पूरी रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए श्री दास ने कहा कि कथित तौर पर ओडिशा को 24 और छत्तीसगढ़ को 22 मिलियन एकड़-फीट पानी देने का प्रस्ताव रखा गया है। संगठन ने मांग की है कि इस प्रस्तावित आवंटन के आधारभूत वैज्ञानिक डेटा, मूल्यांकन मानदंडों और सिद्धांतों की विस्तृत व्याख्या जनता के सामने रखी जाए।
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