जयपुर , अक्टूबर 29 -- राजस्थान में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बुधवार को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर जिलेवार समीक्षा की।

उन्होंने शासन सचिवालय से वीडियो कांफ्रेंस (वीसी) के जरिए सभी संभागीय आयुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। वीसी में भारत निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि के रूप में राजस्थान के क्षेत्रीय अधिकारी एवं उप निर्वाचन आयुक्त भानू प्रकाश अटरू ने भी संबोधित किया।

श्री महाजन ने बैठक में बताया कि बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण, राजनीतिक दलों को सूचना, मीडिया प्रबंधन, मतदान केन्द्रों के पुनर्गठन, ऑनलाइन प्रपत्र भरने को बढ़ावा देने को लेकर जिलेवार विस्तृत चर्चा एवं आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर प्रक्रिया में बीएलओ सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। समस्त बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण किया जा चुका है, शीघ्र ही इनके लिए नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप रिफ्रेशर सत्र आयोजित किया जाए।

श्री महाजन ने निर्देश दिए कि बीएलओ द्वारा अपनी दैनिक प्रगति का अभिलेखन किया जाए जिसके आधार पर बीएलओ पर्यवेक्षक, ईआरओ, डीईओ एवं सीईओ स्तर पर उनका पर्यवेक्षण किया जाएगा। साथ ही वॉलन्टीयर्स एवं हेल्पडेस्क कार्मिकों का प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया जाए।

उन्होंने कहा कि सभी राज्यों की मतदाता सूचियां अपलोड कर दी गयी हैं। साथ ही यह लिंक मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि विगत एसआईआर की मतदाता सूची में अगर किसी वर्तमान मतदाता के माता-पिता, दादा-दादी आदि का नाम शामिल है तो सटीक और सत्यापित पारिवारिक संबंध के माध्यम से वंशावली मानचित्रण किया जाए। राजस्थान में अब तक 70 प्रतिशत मतदाताओं मानचित्रण किया जा चुका है जिसे निकट भविष्य में 85 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। जिससे इन मतदाताओं से किसी भी तरह का दस्तावेज लेने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

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