पटना , अक्टूबर 5 -- बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि लोकतंत्र नहीं बचेगा तो चुनाव का कोई मतलब नहीं रह जाएगा और इस बिगड़ते हालात में उनकी पार्टी महागठबंधन के के घटक दलों के साथ मिलकर चुनाव आयोग-भाजपा के गठजोड़ के खिलाफ बिहार में आंदोलन की शुरुआत करेगी।

श्री यादव ने सोमवार को अपने आवास पर महागठबंधन के नेताओं के साथ बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सात अक्टूबर को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च और आठ अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। इसी दिन पटना में उनके नेतृत्व में महागठबंधन के विधायक, विधान पार्षद और नेता शहीद स्मारक स्थल से राजभवन तक लोकतंत्र बचाओ मार्च निकालेंगे।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दिल्ली में महागठबंधन की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, दो से आठ अक्टूबर तक देशव्यापी आंदोलन का कार्यक्रम तय किया गया है। इसी क्रम में छह अक्टूबर को नयी दिल्ली में निर्वाचन आयोग के समक्ष लोकसभा और राज्यसभा के सांसद लोकतंत्र बचाओ मार्च करेंगे। उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर के बाद राष्ट्रपति से मिलने का समय निर्धारित होने पर महागठबंधन के नेता उनसे मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगे।

श्री यादव ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जीवित लोगों के नाम मृतकों की सूची में डालने और मतदाताओं के नाम हटाने में अनियमितताएं हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए महिलाओं के खातों में दस-दस हजार रुपये डाले गए, ताकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को चुनावी लाभ मिल सके।

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