हरिद्वार , जुलाई, 21 -- त्तराखंड में महाकुंभ-2027 की तैयारियों को गति देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के तहत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में नई पहचान मिलेगी। साथ ही महाकुंभ-2027, कांवड़ यात्रा और वर्षभर आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
अलकनंदा होटल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 43.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया, जबकि 66.76 करोड़ रुपये की हर की पैड़ी-सुभाष घाट पुनर्विकास, 66.34 करोड़ रुपये की हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये की रोड़ी बेलवाला पुनर्विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल शिलान्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी ढंग से परियोजनाओं को पूरा कर जनता को समर्पित करने की कार्यसंस्कृति पर विश्वास करती है। उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूर्ण करने और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जागरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड में हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के साथ केदारखंड, मानसखंड, शारदा, गोल्ज्यू और विवेकानंद कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन योजनाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी महाकुंभ-2027 को देश का सबसे दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन बनाने के लिए सरकार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। इसके तहत नए घाटों और पुलों का निर्माण, प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण, यातायात व्यवस्था का आधुनिकीकरण तथा श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बहादराबाद-सिडकुल से शिवालिक नगर तक सड़क चौड़ीकरण, रोह नदी पर नए पुल और पतंजलि योगपीठ से फेरूपुर तक संपर्क मार्ग के सुदृढ़ीकरण जैसे कार्य भी तेजी से चल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार को केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से युक्त विकसित शहर बनाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज, मॉडल डिग्री कॉलेज, हेलीपोर्ट, पॉड टैक्सी, रोपवे तथा अन्य विकास परियोजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगी। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के लिए भी स्थायी और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे हर वर्ष आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें।
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