उज्जैन , सितंबर 03 -- मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सात सितंबर को निकलने वाली भगवान महाकालेश्वर की राजसी एवं अंतिम सवारी के मार्ग को नया स्वरूप देने का कार्य नगर निगम द्वारा तेजी से किया जा रहा है। सिंहस्थ महापर्व-2028 की तैयारियों के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर शहर के आंतरिक मार्गों के चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में कंठाल चौराहे से सती गेट होते हुए छत्री चौक तक करीब 450 मीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है। मार्ग को करीब 15 मीटर चौड़ाई में विकसित किया जा रहा है। प्रतिवर्ष श्रावण एवं भादो मास में भगवान महाकालेश्वर की राजसी एवं अंतिम सवारी इसी मार्ग से निकलती है। सात सितंबर को प्रस्तावित सवारी को देखते हुए मार्ग को अंतिम रूप देने का कार्य तेजी से चल रहा है।

निर्माण कार्य में नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और कार्य एजेंसी की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। शेष कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त टीमें भी लगाई गई हैं। सती गेट के दोनों ओर करीब 25-25 मीटर, कुल 50 मीटर क्षेत्र में कोबल स्टोन लगाए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र को हेरिटेज स्वरूप दिया जा सके।

कंठाल चौराहे को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए पेवर ब्लॉक लगाने का कार्य भी किया जा रहा है। चौराहे पर भूमिगत विद्युत लाइन स्थानांतरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। इससे क्षेत्र को बिजली के तारों के जाल से मुक्ति मिलने के साथ चौराहे का स्वरूप भी बेहतर होगा।

संपूर्ण मार्ग पर फिनिशिंग, साफ-सफाई और अन्य शेष कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। नगर निगम ने पांच सितंबर तक मार्ग को पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा है, ताकि राजसी सवारी से पहले सभी कार्य पूरे हो सकें और श्रद्धालुओं को सुगम एवं व्यवस्थित मार्ग उपलब्ध हो।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित