कुरुक्षेत्र , अक्टूबर 26 -- हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा है कि महर्षि वाल्मीकि भारतीय साहित्य, संस्कृति और मानवीय चेतना के महान प्रतीक हैं। उनकी अमर रचना रामायण समाज को कर्तव्य, त्याग, सत्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

राज्यपाल सोमवार को भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस पर थानेसर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम एवं वाल्मीकि सभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान राज्यपाल और कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने दीप प्रज्वलित कर तथा भगवान वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इससे पहले राज्यपाल ने भगवान वाल्मीकि छात्रावास में कमरों के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया और दो कमरों के निर्माण के लिए 15 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने प्रदेशवासियों को प्रकट दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।

प्रो. घोष ने कहा कि रामायण में भगवान श्रीराम का कर्तव्यबोध, भरत का त्याग, लक्ष्मण की निष्ठा, सीता का धैर्य और हनुमान का सेवाभाव जीवन में उच्च आदर्श अपनाने की सीख देते हैं। महर्षि वाल्मीकि का जीवन सामाजिक समरसता, समानता और मानवीय गरिमा का संदेश देता है। इन मूल्यों को व्यवहार में अपनाना आवश्यक है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि सर्व समाज के सहयोग से ही प्रदेश और देश का विकास संभव है। उन्होंने बताया कि वाल्मीकि आश्रम में वर्ष 1958 से छात्रावास संचालित है, जहां से शिक्षा प्राप्त कर अनेक विद्यार्थी विधायक, मंत्री और अधिकारी बने हैं। उन्होंने समाज से नशे और कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की अपील की।

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