अजमेर , मई 14 -- राजस्थान में अजमेर स्थित महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय में सम्राट पृथ्वीराज चौहान के जीवन पर "तराइन से परे पृथ्वीराज का पुनर्कल्पित इतिहास" विषय पर शुक्रवार को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
विश्वविद्यालय आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पृथ्वीराज चौहान ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक शोध केन्द्र द्वारा 15 मई को विश्वविद्यालय में बृहस्पति भवन के स्वराज सभागार में अपराह्न दो बजे से इस संगोष्ठी का आयोजन होगा। इसका उद्देश्य भारतीय इतिहास के वीर शिरोमणि सम्राट पृथ्वीराज चौहान के जीवन, संघर्ष, सांस्कृतिक योगदान एवं ऐतिहासिक व्यक्तित्व के उन पक्षों को सामने लाना है, जिन पर अब तक अपेक्षाकृत कम विमर्श हुआ है।
कार्यक्रम में इतिहास, संस्कृति एवं विरासत से जुड़े विद्वानों द्वारा पृथ्वीराज चौहान के व्यक्तित्व एवं उनके युग की नई व्याख्याओं पर विचार प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मसूदा विधायक वीरेन्द्र सिंह कानावत होंगे। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकारसिंह लखावत रहेंगे जो राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत एवं पृथ्वीराज चौहान के योगदान पर विशेष उद्बोधन देंगे।
मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा इसमें विशिष्ट अतिथि होंगे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार अग्रवाल करेंगे। यह संगोष्ठी न केवल ऐतिहासिक विमर्श को नई दिशा देगी बल्कि युवा पीढ़ी में राष्ट्र गौरव, सांस्कृतिक चेतना एवं भारतीय इतिहास के प्रति जागरूकता भी उत्पन्न करेगी। कार्यक्रम में शिक्षाविद, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं इतिहास प्रेमी भाग लेंगे।
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