महराजगंज , अक्तूबर 25 -- उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी और ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने वाले 'जल जीवन मिशन' में भ्रष्टाचार की परतें अब तेजी से उधड़ने लगी हैं। राज्य में इस योजना के तहत चल रहे कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के सुराग मिलने के बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में महराजगंज जिले में चर्चा का केंद्र बनी कार्यदायी संस्था 'मैसर्स जानकी प्रसाद मेमोरियल रिसर्च एंड एजुकेशनल ट्रस्ट' सीधे तौर पर ईडी के रडार पर आ गई है।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने महराजगंज की इस प्रमुख संस्था समेत उत्तर प्रदेश भर की 13 संदिग्ध फर्मों और संस्थाओं को नोटिस जारी किया है। ईडी ने इन सभी से टेंडर प्रक्रिया से लेकर करोड़ों रुपये के भुगतान तक का पूरा कच्चा-चिट्ठा तलब किया है। इस सख्त केंद्रीय कार्रवाई के बाद से जिले के ठेकेदारों और संबंधित महकमों में हड़कंप मच गया है।

विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत महराजगंज की इस संस्था पर शिकंजा कसा है। एजेंसी की मुख्य जांच इस बात पर केंद्रित है कि महराजगंज जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत इस संस्था को कार्य के आवंटन में क्या नियमों को ताक पर रखा गया था? इसके अलावा, यह भी खंगाला जा रहा है कि जमीनी स्तर पर कराए गए कार्यों का वास्तविक मूल्य क्या था और क्या कागजों में हेराफेरी कर सरकारी खजाने से भारी-भरकम भुगतान हासिल किए गए।

ईडी की यह कार्रवाई केवल दफ्तरों में फाइलों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धरातल पर हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की भी पोल खोल रही है। जांच एजेंसी ने वर्ष 2019 से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत निर्मित उन तमाम पानी की टंकियों और जल प्रदाय योजनाओं का पूरा ब्योरा मांगा है, जो निर्माण के तुरंत बाद ढह गईं, जिनमें गंभीर रिसाव (सीपेज) सामने आए, या जिन्हें सुरक्षा मानकों के विपरीत मानकर असुरक्षित घोषित कर दिया गया। महराजगंज सहित अन्य जिलों में पानी की टंकियों के निर्माण में बरती गई भारी अनियमितताओं, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की रिपोर्टों और सरकारी धन के अपव्यय को लेकर ईडी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। इससे पहले, ईडी ने उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक को आधिकारिक पत्र लिखकर पीएमएलए, 2002 की धारा 54 के तहत तमाम संबंधित दस्तावेजों, अनुबंधों और दर्ज प्राथमिकियों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।

जांच को पुख्ता करने और वित्तीय गड़बड़ियों की कड़ियों को जोड़ने के लिए ईडी ने महराजगंज की मैसर्स जानकी प्रसाद मेमोरियल रिसर्च एंड एजुकेशनल ट्रस्ट से निम्नलिखित बेहद अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा है।

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