महराजगंज , अक्तूबर 20 -- महराजगंज जिले में आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में हुई क्षति का विस्तृत आकलन कर पुनर्बहाली एवं पुनर्निर्माण की कार्यवाही तेज है।

जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देशानुसार ग्राम शिकारपुर, भोतहा एवं सोहगीबरवा में पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट के अंतर्गत स्थलीय निरीक्षण एवं क्षति आकलन की प्रक्रिया जारी है। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्राम प्रधानों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावित परिसंपत्तियों और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण एवं समन्वय के दौरान स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, सिंचाई, विद्युत, लोक निर्माण विभाग, राजस्व एवं पंचायती राज सहित संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में आपदा से हुई क्षति का स्थलीय सत्यापन करते हुए विस्तृत आकलन तैयार करने के निर्देश दिए गए। सभी संबंधित विभागों को अगले 72 घंटे के भीतर विभागवार क्षति आकलन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। क्षति आकलन के अंतर्गत भवनों एवं अन्य परिसंपत्तियों को हुई संरचनात्मक क्षति के साथ-साथ विद्युत, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित गैर-संरचनात्मक क्षति का भी विवरण तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रभावित परिसंपत्तियों की मरम्मत, पुनर्निर्माण तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, सभी विभाग अपनी रिपोर्ट तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति को उपलब्ध कराएंगे।

समिति द्वारा रिपोर्टों की समीक्षा, सत्यापन एवं समेकन के बाद उन्हें जिला स्तरीय समिति को प्रेषित किया जाएगा। जिला स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण एवं अनुमोदन की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के उपरांत रिपोर्ट संबंधित राहत कार्यालय को भेजी जाएगी। पीडीएनए का उद्देश्य आपदा से हुई वास्तविक क्षति और पुनर्बहाली की आवश्यकताओं का तथ्यपरक एवं व्यवस्थित आकलन करना है, ताकि नियमानुसार राहत, क्षतिपूर्ति और पुनर्निर्माण संबंधी कार्यवाही के लिए आवश्यक आधार तैयार किया जा सके। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण, तथ्यपरक एवं सत्यापित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्बहाली एवं पुनर्निर्माण से संबंधित आवश्यक कार्यवाही नियमानुसार की जा सके।

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