रायपुर , अक्टूबर 09 -- छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाओं के बीच महतारी शक्ति ऋण योजना का आकर्षण बढ़ रहा है। स्वरोजगार के लिए बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे 25 हजार रुपए तक का ऋण मिलने की सुविधा के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं अपने बैंक खाते छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में स्थानांतरित करवा रही हैं। पिछले आठ महीनों में एक लाख से अधिक महिलाओं के खाते ग्रामीण बैंक में स्थानांतरित हुए हैं। वहीं, अब तक 41,124 महिलाओं को इस योजना के अंतर्गत 102 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया जा चुका है।

महिला एवं बाल विकास विभाग से शुक्रवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार विभाग के संज्ञान में आया है कि महतारी वंदन योजना की औसतन 10 हजार लाभार्थी महिलाएं प्रतिमाह अपने बैंक खाते बदलवा रही हैं। खाता परिवर्तन की प्रक्रिया के कारण संबंधित महिलाओं को एक महीने की सहायता राशि समय पर नहीं मिल पा रही है। हालांकि, अगले महीने उनके खातों में दो किस्तों की राशि एक साथ अंतरित की जा रही है। विभाग ने जब बड़ी संख्या में बैंक खाते बदलने के कारणों की पड़ताल की, तो इसके पीछे महतारी शक्ति ऋण योजना प्रमुख वजह के रूप में सामने आई।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक ने 30 नवंबर 2024 को महतारी शक्ति ऋण योजना प्रारंभ की थी। इसके अंतर्गत महतारी वंदन योजना की पात्र महिलाओं को छोटे व्यवसाय और स्वरोजगार के लिए अधिकतम 25 हजार रुपए का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। ऋण चुकाने के लिए 48 महीने की अवधि निर्धारित की गई है। बैंक इस ऋण पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज ले रहा है। लाभार्थी महिलाएं अपनी सुविधा के अनुसार मासिक किस्तों में अथवा एकमुश्त राशि जमा कर ऋण चुका सकती हैं।

बैंक ने महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाओं को नियमित आय प्राप्त करने वाले ग्राहकों की श्रेणी में रखा है। इसका आधार उनके खातों में राज्य सरकार की ओर से प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता राशि का नियमित हस्तांतरण है। इसी व्यवस्था के कारण महिलाओं को बिना किसी सामान को गिरवी रखे ऋण प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 तक 37 हजार महिलाओं ने महतारी शक्ति ऋण योजना का लाभ लिया था। इसके बाद आठ महीनों के दौरान चार हजार से अधिक अन्य महिलाएं भी ऋण लेने वालों में शामिल हुईं। वर्तमान में ग्रामीण बैंक में महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाओं के 16 लाख से अधिक खाते हैं। योजना से जुड़े सर्वाधिक खाते इसी बैंक में होने के कारण करीब 2300 करोड़ रुपए की राशि बैंक में जमा होने की जानकारी सामने आई है।

इस योजना का लाभ लेकर स्वरोजगार शुरू करने वाली महिलाओं में धमतरी की पुष्पा कुमारी भी शामिल हैं। पुष्पा कुमारी के अनुसार, पहले उनका खाता एक निजी बैंक में था। वह चाय की दुकान खोलना चाहती थीं। महतारी शक्ति ऋण योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने ग्रामीण बैंक में खाता खुलवाया, जहां उन्हें बिना कोई कागज जमा किए 25 हजार रुपए का ऋण मिल गया। पुष्पा कुमारी ने बताया कि वह दुकान से होने वाली आमदनी के जरिए ऋण का भुगतान करेंगी।

इसी तरह रायपुर जिले के तिल्दा की मनोरमा देवी ने भी योजना का लाभ लेने के लिए अपना बैंक खाता बदलवाया। मनोरमा देवी के अनुसार, पड़ोसी से ग्रामीण बैंक में बिना कोई दस्तावेज दिए ऋण मिलने की जानकारी प्राप्त हुई थी। इसके बाद उन्होंने अपना खाता ग्रामीण बैंक में स्थानांतरित करवा लिया।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत करीब 67.50 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार की इस योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।

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