खैरागढ़-छुईखदान-गंडई , जुलाई 07 -- छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितता का मामला आज सामने आया है। मुढ़ीपार गांव के एक पुरुष हितग्राही तिलोक साहू का आवेदन योजना में दर्ज होने के बाद आंगनबाड़ी और सुपरवाइजर स्तर पर सत्यापित भी कर दिया गया। इसके बाद उसके बैंक खाते में लगातार 12 माह तक योजना की राशि जमा होती रही।

आधिकारिक ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार आवेदन खैरागढ़ परियोजना, मुढ़ीपार सेक्टर तथा संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र से संबद्ध है। आवेदन में हितग्राही का नाम तिलोक साहू दर्ज है, जबकि पति के नाम के स्थान पर भी तिलोक साहू ही अंकित किया गया है। इसके बावजूद आवेदन को आंगनबाड़ी स्तर तथा सुपरवाइजर स्तर पर 'सत्यापित' कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने योजना की जांच एवं सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिकॉर्ड में आवेदन की वर्तमान स्थिति 'परमानेंट होल्ड' दर्शाई गई है, जबकि 'लाभ त्याग अनुरोध स्वीकृत' भी प्रदर्शित हो रहा है।

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