महासमुंद , मई 13 -- छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के तहत हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया में अवैध वसूली के आरोप महासमुंद जिले से सामने आए हैं। हितग्राहियों का आरोप है कि अधिकृत च्वाइस सेंटर संचालक नि:शुल्क ई-केवाईसी के नाम पर 30 रुपये तथा नाम त्रुटि सुधार फार्म के लिए 20 रुपये तक वसूल रहे हैं।

जानकारी के अनुसार महासमुंद जिले में महतारी वंदन योजना के लगभग तीन लाख तीन हजार हितग्राही हैं, जिन्हें राज्य सरकार प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करती है। योजना में पात्र हितग्राहियों का सत्यापन, नाम त्रुटि सुधार, बैंक खाते को आधार से लिंक करने तथा अपात्र एवं फर्जी हितग्राहियों को हटाने के उद्देश्य से अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक ई-केवाईसी अभियान चलाया जा रहा है।

जिले में इस कार्य के लिए 341 च्वाइस सेंटर अधिकृत किए गए हैं तथा अब तक करीब दो लाख 26 हजार हितग्राहियों की ई-केवाईसी की जा चुकी है। इस दौरान कई हितग्राहियों ने आरोप लगाया कि उनसे ई-केवाईसी के लिए 30 रुपये और नाम सुधार फार्म के लिए 20 रुपये लिए जा रहे हैं। कुछ मामलों में हितग्राहियों को नाम सुधार के लिए एक से दो सप्ताह तक च्वाइस सेंटर और महिला एवं बाल विकास विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी टी.के. जाटव ने कहा कि महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी पूरी तरह नि:शुल्क की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग को अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

उल्लेखनीय है कि ई-केवाईसी के नाम पर वसूली के आरोप इससे पहले भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। इसके बावजूद शिकायत नहीं मिलने का हवाला देकर कार्रवाई नहीं होना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

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