रायपुर , अप्रैल 09 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पीएससी अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय देने और शुल्क वापसी प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है।
इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर त्वरित हस्तक्षेप की अपील की है।
गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार डॉ. महंत ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा के लिए निर्धारित समयावधि को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश गठन के बाद से यह परंपरा रही है कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम और मुख्य परीक्षा के बीच कम से कम 100 दिनों का अंतर रखा जाता था, ताकि अभ्यर्थी विस्तृत पाठ्यक्रम की तैयारी और उत्तर लेखन का अभ्यास कर सकें।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 25 मार्च को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया, जबकि मुख्य परीक्षा 16 मई से प्रस्तावित है। इस प्रकार अभ्यर्थियों को मात्र 51 दिन का समय मिल रहा है, जो पर्याप्त नहीं है। उन्होंने इसे नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए कहा कि सरकार को युवाओं के मानसिक दबाव और तैयारी की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की तिथि आगे बढ़ानी चाहिए।
इसके साथ ही, डॉ. महंत ने परीक्षा शुल्क वापसी की वर्तमान प्रक्रिया को जटिल बताते हुए इसमें सुधार की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि अभी अभ्यर्थियों से दोबारा बैंक विवरण मांगा जाता है, जिससे कई अभ्यर्थी तकनीकी कारणों या समयसीमा के अभाव में अपनी राशि वापस नहीं ले पाते। उन्होंने सुझाव दिया कि आवेदन के समय जिस बैंक खाते से शुल्क जमा किया गया है, उसी खाते में परीक्षा में उपस्थिति के बाद स्वतः राशि वापस कर दी जाए।
डॉ. महंत ने कहा कि लोक सेवा आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी कार्यप्रणाली पारदर्शी एवं भरोसेमंद होनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री और आयोग के अध्यक्ष से अपील की कि वे युवाओं के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्य परीक्षा की तिथि बढ़ाने और शुल्क वापसी प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लें, ताकि अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।
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