जालंधर , मई 14 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन और भारतीय इंकलाबी मार्क्सवादी पार्टी ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और जन समस्याओं के खिलाफ संयुक्त संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है।
दोनों पार्टियों की संयुक्त बैठक गुरुवार को बाबा बूझा सिंह भवन में आयोजित की गई। बैठक में 18 मई को पंजाब के शहरों और कस्बों में महंगाई, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ रोष धरने देने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही 19 से 28 मई तक 'लोगों के पास चलो' अभियान चलाकर गांव-गांव और शहरों में लोगों को सरकार की नीतियों के प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
बैठक में लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और मंगत राम पासला भी शामिल हुए। इसके अलावा विभिन्न नेताओं ने देश और पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति तथा भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में कहा गया कि मजदूरों, किसानों, शहरी गरीबों और मध्यम वर्ग पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। तेजी से बढ़ती बेरोजगारी, कर्ज और कृषि संकट के मुद्दों को लेकर जनता के बीच अभियान चलाया जाएगा।
दोनों दलों ने यह भी निर्णय लिया कि 7 जून को लुधियाना में चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर की आड़ में कथित तौर पर जायज वोट काटने के विरोध में विशाल जन सुनवाई आयोजित की जाएगी। इसमें दोनों पार्टियों के राष्ट्रीय महासचिव भी शामिल होंगे। बैठक में कहा गया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर संवैधानिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है, जो लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए गंभीर खतरा है।
संयुक्त बयान में कहा गया कि समानता, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और संघीय ढांचे जैसे संवैधानिक सिद्धांतों की रक्षा के लिए दोनों पार्टियां मिलकर सभी वामपंथी और लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट करेंगी।
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