मुंबई , अप्रैल 10 -- बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को मुंबई पुलिस को एक याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें शहर के उपनगर कांदिवली इलाके में एक मस्जिद से सुबह-सुबह होने वाले अधिक शोर के खिलाफ पुलिस पर कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया गया है, जबकि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित है।

उच्च न्यायालय स्थानीय निवासी अधिवक्ता रीना रिचर्ड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें उन्होंने कांदिवली (पूर्व) में अपने घर के पास स्थित मस्जिद से होने वाले अधिक शोर से ध्वनि संबंधी नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

अपनी याचिका में उन्होंने कहा कि सुबह-सुबह लाउडस्पीकर के उपयोग के खिलाफ समता नगर पुलिस स्टेशन में कई शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सुश्री रिचर्ड के अनुसार, अधिकारियों ने पहले अनुपालन का आश्वासन दिया था और निष्क्रियता के लिए अदालत के समक्ष माफी भी मांगी थी और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके को 'साइलेंस ज़ोन' घोषित किए जाने के बावजूद 2024 में लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति फिर से दे दी गई थी।

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