पटना , अक्टूबर 14 -- बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में आज 'मशाल' कार्यक्रम एवं एकलव्य खेल केंद्रों के संचालन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खेल विभाग के सचिव श्री दीपक आनंद, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रण शंकरन, खेल निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय सहित विभाग एवं खेल प्राधिकरण के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में आगामी 'मशाल' कार्यक्रम की तैयारियों, व्यापक जनभागीदारी तथा विद्यालय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का आयोजन 20 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक किया जाएगा।

'मशाल' कार्यक्रम बिहार में विद्यालय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान, उनके कौशल विकास तथा उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की एक व्यापक पहल है। इसके अंतर्गत राज्य के लगभग 37,000 मध्य एवं उच्च विद्यालयों को शामिल किया जाता है। इस वर्ष कार्यक्रम में सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों को भी शामिल किया जा रहा है। इसका संचालन शिक्षा विभाग एवं खेल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा।वर्तमान में कार्यक्रम के अंतर्गत एथलेटिक्स, फुटबॉल, कबड्डी, साइक्लिंग एवं वॉलीबॉल की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। इसमें अंडर-14 एवं अंडर-16 आयु वर्ग के विद्यार्थी भाग लेने के पात्र हैं। प्रतियोगिताओं का आयोजन विद्यालय स्तर से प्रारंभ होकर संकुल संसाधन केंद्र,जिला एवं राज्य स्तर तक किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को विभिन्न स्तरों पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों में कम उम्र में खेल प्रतिभाओं की पहचान, खिलाड़ियों के कौशल का विकास, प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना, भविष्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों की एक सशक्त प्रतिभा श्रृंखला तैयार करना, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग तथा खेल के क्षेत्र में अनुसंधान एवं ज्ञान को बढ़ावा देना शामिल है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 'मशाल' कार्यक्रम में राज्य के लगभग 27 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया था।

बैठक में मंत्री ने कार्यक्रम के अंतर्गत खेल की अन्य विधाओं को भी शामिल करने पर जोर दिया, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप खेलों में भाग लेने का अवसर मिल सके। उन्होंने कार्यक्रम की व्यापक पहुंच और विद्यार्थियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

एकलव्य खेल केंद्रों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 44 एकलव्य खेल केंद्रों में 800 से अधिक खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। बैठक में खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, बेहतर खेल सुविधाएं तथा अपनी प्रतिभा निखारने के अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की गई।

इस अवसर पर खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने विद्यार्थियों से 'मशाल' कार्यक्रम में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह विद्यार्थियों के लिए अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने, उसे निखारने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। राज्य सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने तथा उनकी खेल यात्रा में हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विद्यालय स्तर से ही खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें उचित प्रशिक्षण, प्रोत्साहन एवं अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे बिहार के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन कर सकें।

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