पटना , मई 17 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को नालंदा जिले में आयोजित मलमास मेला 2026 का उद्घाटन किया और अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधाओं तथा भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने ब्रह्मकुंड परिसर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की तथा महाआरती कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने यज्ञशाला के निकट प्रमुख संतों के साथ ध्वजारोहण भी किया। इस अवसर पर जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी बासुदेवाचार्य श्री भास्कर सहित कई संत उपस्थित थे।

मलमास मेला-2026 के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, पेयजल, आवासन, खान-पान और स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने नव नालंदा सेवा भारतीय नालंदा द्वारा आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन भी किया और सेवा भाव से श्रद्धालुओं की सहायता करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी का स्वागत श्री राजगीर तपोवन तीर्थ रक्षार्थ पंडा समिति की ओर से प्रतीक चिन्ह और अंग वस्त्र भेंट कर किया गया। वहीं जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने भी मुख्यमंत्री श्री चौधरी को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए स्टेट गेस्ट हाउस में तैयार आवासन स्थल तथा 'दीदी की रसोई' का उद्घाटन किया। दीदी की रसोई में श्रद्धालुओं के लिए सस्ती दरों पर शुद्ध भोजन की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मलमास मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु राजगीर पहुंचते हैं और मान्यता है कि यहां 33 करोड़ देवी-देवताओं का निवास होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा वे अच्छी यादों के साथ लौटें। उन्होंने अधिकारियों को असामाजिक तत्वों पर नजर रखने, आवागमन को सुगम बनाने और भीड़ प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिये निर्देश दिए।

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