अलवर , जुलाई 06 -- राजस्थान में अलवर के कालाकुआं हाउसिंग बोर्ड स्थित सेटेलाइट अस्पताल में सोमवार सुबह ओपीडी के दौरान मरीजों की जांच कर रहे डॉक्टर के कमरे की छत का प्लास्टर और चल रहा सीलिंग पंखा गिरने से डॉक्टर और वहां मौजूद एक बालिका घायल हो गयी।

घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गयी। प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल के कमरा नंबर-7 में डॉ. सीताराम मरीजों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान छत के लेंटर के नीचे का प्लास्टर अचानक टूटकर गिरा और उसके साथ लगा चल रहा पंखा भी सीधे डॉक्टर की टेबल पर आ गिरा। मलबे की चपेट में आने से डॉ. सीताराम घायल हो गये, वहीं पास में बैठी एक बालिका मरीज भी चोटिल हो गयी। घायल बालिका को तत्काल राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है।

जैसे ही तेज धमाके के साथ पंखा और प्लास्टर नीचे गिरा, ओपीडी में मौजूद मरीज और अस्पताल कर्मियों में भगदड़ मच गयी। कुछ देर के लिए अस्पताल में दहशत का माहौल बन गया।

सेटेलाइट अस्पताल की प्रधान चिकित्साधिकारी (पीएमओ) डॉ प्रमिला मीणा ने बताया कि अस्पताल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पिछले करीब आठ महीने से लगातार जिला प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और चिकित्सा विभाग को पत्र लिखे जा रहे हैं, लेकिन किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने बताया कि अस्पताल की छत पर पानी भरने से लगातार सीलन आ रही है। ऊपर बने कमरों से पानी टपकता है और कई हिस्से गिरने की स्थिति में हैं। अस्पताल की लैब की छत भी जर्जर हो चुकी है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

डाॅ मीणा ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को कई बार फोन किये गये, लेकिन उन्होंने फोन तक नहीं उठाया। समय रहते भवन की मरम्मत कर दी जाती तो आज यह हादसा नहीं होता।

उधर, घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के दल को मौके पर भेजा गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छत पर पानी भरने और लगातार सीलन के कारण लेंटर का प्लास्टर कमजोर होकर गिर गया।

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