मुंबई , मई 10 -- मराठी के दिग्गज गायक और संगीतकार गोविंद पोवाले का रविवार सुबह मुंबई में 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें मराठी सुगम संगीत का आखिरी सितारा बताया।

श्री पोवाले उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और आज उन्होंने मुंबई स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। इसके साथ ही मराठी सुगम संगीत और हल्के-फुल्के संगीत के क्षेत्र में सात दशकों से भी अधिक समय तक चली उनकी संगीतमय यात्रा का समापन हो गया।

श्री पोवाले का जन्म 30 अक्टूबर, 1931 को हुआ था और उन्होंने बहुत कम उम्र में ही अपने कलात्मक करियर की शुरुआत कर दी थी। उन्होंने मात्र 15 वर्ष की आयु में 'ऑल इंडिया रेडियो मुंबई' पर अपनी प्रस्तुति दी थी, जिसके बाद मराठी संगीत जगत में अपनी गायकी और संगीत रचनाओं के माध्यम से उन्हें पहचान मिली।

बतौर एक संगीतकार श्री पोवाले के नाम सौ से भी अधिक गीत दर्ज हैं, जबकि लगभग 25 से 30 गीतों में उन्होंने अपनी आवाज भी दी है। उनकी लोकप्रिय रचनाएं और प्रस्तुतियां, जैसे 'माती संगे कुम्हाराला', 'रात्र काली घागर काली' और 'संथा वाहते कृष्णमाई' पीढ़ियों तक मराठी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसी रहीं।

श्री पोवाले ने महाराष्ट्र के 'सुगम संगीत आंदोलन' में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्होंने 'महाराष्ट्र सुगम संगीत समिति' के प्रमुख के तौर पर भी जिम्मेदारियां संभाली थीं, जिसके दौरान उन्होंने संगीत प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और उनका मूल्यांकन करने की दिशा में कई प्रयास किए।

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