सांगली महाराष्ट्र , अगस्त 10 -- मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जारांगे-पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह मराठा समुदाय के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करे, वरना उसे समुदाय के कड़े विरोध का सामना करना पड़ सकता है।

श्री जारांगे-पाटिल ने रविवार देर रात अटपाडी के भवानी विद्यालय मैदान में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने मराठा समुदाय के सदस्यों के पंजीकरण रद्द करने की कथित कोशिशों, कुनबी प्रमाण पत्र के मुद्दे, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आ रही दिक्कतों जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने लोगों की भारी भीड़ की तारीफ करते हुए कहा, "जिन लोगों को यह गलतफहमी है कि पश्चिमी महाराष्ट्र में मराठा समुदाय एकजुट नहीं है, उन्हें अटपाडी में जुटी इस भीड़ को देखना चाहिए।"श्री जरांगे-पाटिल ने समुदाय के सदस्यों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठें और मराठा समुदाय से जुड़े मुद्दों पर एकजुट हों। उन्होंने कहा, "लोगों ने ही राजनीतिक पार्टियों को बड़ा बनाया है। अब समाज जागरूक हो गया है। हम अपने बच्चों और अपने समाज को महान बनाना चाहते हैं। कोई पार्टी या नेता हमारा पिता नहीं है। हमारा समाज ही हमारी माता और पिता है।"उन्होंने अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक रूप से पिछड़े विकास निगम की योजनाओं, ब्याज से जुड़ी समस्याओं, सारथी योजनाओं, लंबित मामलों और प्रशासनिक अड़चनों का सामना कर रहे समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे 28 या 29 अगस्त को अपने आवेदन और ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ 'इंटरवल सारथी' में आएं।उन्होंने दावा किया कि मराठा समुदाय के सदस्यों के पंजीकरण को रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है और समुदाय को आरक्षण, रोज़गार और सरकारी सुविधाओं से दूर रखने की कोशिशें की जा रही हैं।

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