मुंबई , मई 30 -- महाराष्ट्र की सरकारी नौकरियों में मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे-पाटिल ने शनिवार सुबह 10 बजे जालना जिले में अपने पैतृक गांव अंतरवाली सराटी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

दूसरी ओर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी सरकार मराठों को आरक्षण देने के मामले में सकारात्मक है।

गौरतलब है कि श्री पाटिल ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वह अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल वापस नहीं लेंगे। श्री पाटिल ने जिस समय अपनी भूख हड़ताल शुरू की, उस समय मराठा प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग एक्सप्रेसवे को अवरुद्ध कर दिया।

श्री जरांगे-पाटिल ने सरकार से मांग की है कि 58 लाख मराठों को 'कुनबी ओबीसी' प्रमाण पत्र दिए जाएं और इस संबंध में एक आदेश जारी करे। उन्होंने यह भी मांग रखी कि यदि हैदराबाद के निजाम की पूर्व-स्वतंत्रता रियासत के राजपत्र (गजट) रिकॉर्ड और सतारा राजपत्र रिकॉर्ड के अनुसार मराठों को कुनबी ओबीसी प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाते हैं, तो राज्य सरकार को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश जारी करना चाहिए।

उन्होंने एक अलग 'मराठा कुनबी मंत्रालय' स्थापित करने की मांग करते हुए उन सभी मामलों को वापस लेने की जरूरत बताई जो आरक्षण के लिए पिछले आंदोलनों में भाग लेने वाले मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए थे। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा गठित 'शिंदे समिति' के कार्यकाल को भी बढ़ाए जाने की मांग की, ताकि वह सभी जाति रिकॉर्ड की जांच कर सके।

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