जालना , मार्च 18 -- मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में एक बार फिर सियासी और सामाजिक माहौल गरमाता दिख रहा है। और मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल ने सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए चेतावनी दी है कि अगर आरक्षण को लेकर किए गए वादे पूरे नहीं हुए, तो समुदाय एक बार फिर मुंबई की ओर कूच करेगा।
जरांगे पाटिल ने यहां समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि मराठा समाज बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए तैयार है और किसी भी तरह के वादाखिलाफी के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हैदराबाद गजट से जुड़े सरकारी प्रस्ताव (जीआर) का जारी होना इस बात का संकेत है कि सरकार आरक्षण देने को लेकर प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार जल्द ठोस कदम नहीं उठाती, तो राज्य में एक बार फिर बड़े आंदोलन और राजनीतिक टकराव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह चेतावनी अगस्त 2025 में मुंबई के आजाद मैदान में हुए बड़े आंदोलन के बाद आई है, जहां जरांगे पाटिल ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी। इस आंदोलन में हजारों लोग शामिल हुए थे और दक्षिण मुंबई के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ था।
जरांगे पाटिल की मुख्य मांग है कि मराठा समुदाय को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए, जो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल है जिससे उन्हें शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।
इससे पहले बॉम्बे उच्च न्यायालय ने भी आंदोलन को लेकर आपत्ति जताई थी। अदालत ने कहा था कि प्रदर्शन निर्धारित स्थान से आगे बढ़कर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, चर्चगेट और मरीन ड्राइव जैसे प्रमुख स्थानों तक फैल गया था, जिससे शहर के कई हिस्सों में ठहराव की स्थिति बन गई थी। पिछले साल सरकार के साथ बातचीत के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया था और योग्य मराठाओं को कुनबी प्रमाणपत्र देने पर सहमति बनी थी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित