गौरेला-पेंड्रा-मरवाही , जून 02 -- छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वनमंडल अंतर्गत पिपरिया क्षेत्र में भीषण गर्मी और जलसंकट के बीच एक मादा भालू की मौत हो गई। वन विभाग ने प्रारंभिक जांच में अत्यधिक तापमान और लू को मौत का कारण बताया है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लगभग पांच वर्षीय मादा भालू जंगल में पानी की तलाश में भटक रही थी। क्षेत्र में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी और प्राकृतिक जलस्रोतों के सूखने से वन्यजीवों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि पानी की कमी और अत्यधिक गर्मी के कारण भालू की शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती गई, जिससे उसकी मौत हो गई।

मंगलवार को पिपरिया गांव के समीप भालू का शव देखे जाने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभागीय अमला मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की। पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद वन विभाग ने नियमानुसार अंतिम संस्कार किया।

मरवाही वनमंडल की मंडल वनाधिकारी (डीएफओ) ग्रीष्मी चांद ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में लू और अत्यधिक गर्मी को मौत का प्रमुख कारण माना गया है। उन्होंने कहा कि एसडीओ की उपस्थिति में पंचनामा कार्रवाई पूरी की गई तथा शव का अंतिम संस्कार कराया गया।

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