रायपुर, 05 फरवरी 2026 ( वार्ता ) छत्तीसगढ़ में मरवाही वन मंडल के जंगलों में जैव-विविधता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटना गुरुवार को सामने आई।
मरवाही रेंज के अंतर्गत ग्राम उसाड़ क्षेत्र में दुर्लभ वन्यजीव हनी बैजर (रैटल) का जोड़ा देखा गया, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ वन विभाग में भी उत्सुकता और सतर्कता का माहौल रहा। ग्रामीणों द्वारा मोबाइल से लिए गए फोटो एवं वीडियो के आधार पर इस दुर्लभ प्रजाति की उपस्थिति की पुष्टि की गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए हनी बैजर के जोड़े को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर रवाना किया गया। वन विभाग के अनुसार, हनी बैजर देश के अत्यंत सीमित क्षेत्रों में पाया जाता है, इसी कारण इसे दुर्लभ वन्यजीवों की श्रेणी में रखा गया है। यह जीव अपनी असाधारण साहसिक प्रवृत्ति, आक्रामक व्यवहार और अत्यंत मजबूत त्वचा के लिए जाना जाता है। मधुमक्खियों के छत्तों से शहद निकालकर भोजन करने की इसकी विशेष आदत के कारण इसे हनी बैजर कहा जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, आकार में अपेक्षाकृत छोटा होने के बावजूद हनी बैजर अत्यंत निडर होता है और संघर्ष से पीछे नहीं हटता। इसके प्रभावशाली आत्मरक्षा कौशल के चलते शेर, लकड़बग्घे और विषैले सांप जैसे बड़े एवं खतरनाक वन्यप्राणी भी इससे दूरी बनाए रखते हैं।
मरवाही वन मंडलाधिकारी ग्रीष्मी चांद ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन्यजीवों के समीप न जाएं और उन्हें किसी भी प्रकार से परेशान न करें। यदि किसी वन्यजीव की उपस्थिति दिखाई दे, तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
इस महत्वपूर्ण घटना की जानकारी आज वन मंत्री केदार कश्यप ने भी सोशल मीडिया फेसबुक पर दी। उन्होंने इसे राज्य की समृद्ध वन्यजीव संपदा के लिए सकारात्मक संकेत बताया और वन्यजीव संरक्षण में जनसहभागिता को आवश्यक बताया।
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