नयी दिल्ली , सितंबर 08 -- कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में कहा है कि मप्र में शासन नाम की कोई चीज नहीं बची है और हादसों की रोकथाम के बजाय हर बार कुछ गिरफ्तारियां, अधिकारियों का निलंबन और जांच के आदेश देकर मामला खत्म कर दिया जाता है।

श्री गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि जहरीली शराब ने सागर में अनेक लोगों की जान लेकर कई परिवारों में मातम पहुंचा दिया है और अब पूरे मध्य प्रदेश को मालूम है कि आगे कुछ होने वाला नहीं है। इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी निलंबित होंगे और जांच के आदेश होंगे। यह सबको मालूम है क्योंकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ ही समय पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हुई और पिछले साल जहरीली खांसी की दवा से कई छोटे बच्चों की जान चली गयी। दवा जहरीली, शराब जहरीली और पानी जहरीला है। नये कानून बना दिये जाते हैं लेकिन उन्हें अगले हादसे तक किसी तहखाने में डाल दिया जाता है।

श्री गांधी ने कहा कि मध्य प्रदेश में 20 साल से अधिक समय से भाजपा की सरकार है। हादसों की रोकथाम के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जाता और उसके बाद नाम की कार्रवाई होती है। उन्होंने सवाल किया कि जवाबदेही कहां है और आखिर कब तक लोगों की जान की कीमत सिर्फ हादसे के बाद की कार्रवाई होगी।

उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि इन मौतों की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। जिसकी भी लापरवाही या मिलीभगत सामने आये उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस का एक वीडियो भी साझा किया है जिसमें सागर के बांदा में जहरीली शराब से प्रभावित परिवार न्याय की गुहार लगा रहे हैं लेकिन मोहन यादव सरकार जिम्मेदारी से बच रही है।

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